यूपी के नए DGP राजीव कृष्ण का कड़ा रुख: 'गोली का जवाब गोली से, अपराधियों का आर्थिक साम्राज्य होगा ध्वस्त'
UP's new DGP Rajiv Krishna's tough stance
लखनऊ। UP's new DGP Rajiv Krishna's tough stance, पूर्णकालिक डीजीपी बनने के बाद राजीव कृष्ण ने कहा कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टालरेंस नीति के तहत हमारी कार्रवाई जारी रहेगी। अगर अपराधी पुलिस पर गोली चलाएगा तो उसका एनकाउंटर किया ही जाएगा। समाज के हर वर्ग को सुरक्षा का एहसास होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि महिलाओं और व्यापारियों की सुरक्षा और पुख्ता की जाएगी। सभी थानों में शक्ति केंद्रों की स्थापना के बाद पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय मिल रहा है और महिलाओं के प्रति अपराधों में 33 प्रतिशत की कमी आई है।
सोमवार को पुलिस मुख्यालय में उन्होंने पत्रकारों से कहा कि राज्य में साइबर अपराध के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। साइबर अपराध पर रोक लगाने के लिए 62 हजार पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। पिछले कुछ समय में 400.66 करोड़ रुपये की राशि फ्रीज की गई है। पुलिस अब साइबर अपराधों पर रोक के लिए एआई की मदद लेगी।
डीजीपी ने भविष्य की कार्ययोजना को लेकर कहा कि भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता व भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा गया है। इसके लिए आपराधिक मामलों की विवेचना 60 से 90 दिनों में पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
विश्वसनीय और प्रभावी बनाई जा रही प्रक्रिया
उन्होंने कहा कि ई-साक्ष्य के माध्यम से डिजिटल एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के संकलन, संरक्षण, प्रमाणीकरण व न्यायालय में प्रस्तुतीकरण की प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय और प्रभावी बनाया जा रहा है।
मार्च 2026 तक 10.93 लाख पंजीकृत एफआईआर के सापेक्ष 10.65 लाख डिजिटल साक्ष्य आइडी सृजित की गई हैं तथा 6.07 लाख एफआईआर को उनसे सफलतापूर्वक लिंक किया जा चुका है। वहीं पहली दिसंबर 2024 से पिछली 22 मई तक पुलिस द्वारा कुल 4,96,506 ई-समन भेजे गए हैं।
उन्होंने कहा कि अपराधियों के प्रति सरकार की जीरो टालरेंस की नीति को और प्रभावी बनाकर काम किया जाएगा। संगठित अपराधियों, माफियाओं एवं उनसे जुड़े सफेदपोश अपराधियों के विरुद्ध रणनीतिक, वित्तीय और तकनीक-आधारित कार्रवाई को और सुदृढ़ किया जाएगा।
अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों, बेनामी निवेश, शेल कंपनियों, हवाला नेटवर्क, फर्जी लेन-देन और अन्य वित्तीय माध्यमों की गहन जांच कर उनके आर्थिक स्रोतों की पहचान की जाएगी।
इसके लिए आर्थिक अपराध शाखा, साइबर क्राइम इकाइयों तथा अन्य विशेषीकृत एजेंसियों के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर वित्तीय ट्रेल की वैज्ञानिक विवेचना की जाएगी।
पुलिस का लक्ष्य केवल अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनके आर्थिक साम्राज्य, संरक्षक तंत्र और सहयोगी नेटवर्क को ध्वस्त किया जाएगा। उन्होंने गाजीपुर में होटल व्यवसायी के बेटे की हत्या को गंभीर मामला बताते हुए कहा कि आरोपितों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
डीजीपी ने गिनाई उपलब्धियां
- ऑपरेशन कन्विक्शन के अंतर्गत 93 प्रतिशत से अधिक दोषसिद्धि दर प्राप्त की गई। कुल 32,071 मामलों में न्यायालयों द्वारा निर्णय दिया गया, जिनमें 29,911 मामलों में दोष सिद्धि हुई। इन मामलों में 42,681 अभियुक्तों को सजा दिलाई गई।
- गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत 5,684 अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई तथा लगभग 788.38 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां जब्त की गईं।
- लूट के मामलों में 27.8 प्रतिशत, कुल चोरी के मामलों में 14.4 प्रतिशत तथा डकैती के मामलों में 11.1 प्रतिशत की कमी आई।
- प्रदेश के 1,647 थानों में महिला हेल्प डेस्क व मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए गए। इनके प्रभावी संचालन के लिए 13,500 कार्मिकों की नियुक्ति की गई है। 40 हजार पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। दुष्कर्म के मामलों में करीब 33.92 प्रतिशत की कमी हुयी है। महिलाओं एवं बच्चियों के अपहरण में करीब 17.03 प्रतिशत की कमी आई। दहेज हत्या के मामलों में 12.96 प्रतिशत व घरेलू हिंसा के मामलों में 9.54 प्रतिशत की कमी आई है।
- सभी जिलों में जीरो फैटेलिटी जिला योजना शुरू की गई। इसके अंतर्गत 487 अत्यधिक दुर्घटना-प्रवण थाना क्षेत्रों को चिह्नित किया गया और 573 क्रैश कंट्रोल टीम तैनात की गईं। इससे सड़क दुर्घटनाओं में 7.43 प्रतिशत, मृत्यु में 11.55 प्रतिशत और घायलों की संख्या में 8.05 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।